ये 5 गलतियां आपका फोन धीरे-धीरे बर्बाद कर रही हैं (मैंने खुद भुगती हैं)
करीब डेढ़
साल पहले की बात है। मेरा फोन तब दो साल भी पुराना नहीं हुआ था, फिर भी हर दिन कुछ
न कुछ नया नाटक करता था। ऐप खोलो तो दस सेकंड अटकता, कैमरा खोलो तो "स्टोरेज फुल"
का मैसेज आता, और बैटरी दोपहर तक ही दम तोड़ देती थी। मुझे लगा कि कंपनी ने खराब फोन
दे दिया है। सर्विस सेंटर वाले भाई ने फोन देखा, हल्की सी मुस्कान दी और बोला,
"फोन खराब नहीं है, आप इसे खराब कर रहे हो।"
उस दिन बुरा लगा, लेकिन उसकी बात सही निकली। जब मैंने अपनी आदतें बदलीं, तो वही फोन फिर से ठीक चलने लगा। आज मैं वही पांच गलतियां आपके साथ साझा कर रहा हूं जो मैंने और मेरे आसपास के कई लोगों ने की हैं। मुमकिन है आप भी इनमें से एक-दो रोज़ कर रहे हों।
गलती नंबर
1: बैटरी को 0% तक चलाना और रात भर चार्जर लगाए रखना
ज़्यादातर
लोग बैटरी को पूरी तरह खाली होने तक चलाते हैं, फिर चार्जर लगाकर सो जाते हैं। सुबह
उठो तो 100% पर फोन गर्म पड़ा होता है। मैं भी यही करता था।
आजकल के फोन
में लिथियम-आयन बैटरी होती है। इसे पूरा खाली करना या घंटों 100% पर बनाए रखना, दोनों
ही इसकी उम्र घटाते हैं। आमतौर पर बैटरी को 20% से 80% के बीच रखना उसके लिए आराम की
स्थिति मानी जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि आप 80% पर चार्जर हटाने के लिए जागते रहें।
दिन में जब मौका मिले, थोड़ा-थोड़ा चार्ज कर लें, यह भी ठीक है।
रात में चार्ज
करना ही पड़े तो अपने फोन की सेटिंग में "Optimised charging" या
"Adaptive charging" जैसा विकल्प खोजें। नाम कंपनी के हिसाब से अलग हो सकता
है, और सभी फोन में यह मौजूद भी नहीं होता। जहां हो, वहां इसे चालू कर दें।
चार्जर के
बारे में भी एक बात कहूंगा। सस्ता लोकल चार्जर या खराब केबल बैटरी और चार्जिंग पोर्ट,
दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। मैंने ₹80 बचाने के चक्कर में एक बार ऐसा चार्जर लिया
था। कुछ ही हफ्तों में फोन चार्ज होना बंद-चालू करने लगा और पोर्ट बदलवाना पड़ा। बचत
उल्टी पड़ गई। अपने फोन के साथ आया चार्जर या किसी भरोसेमंद ब्रांड का चार्जर इस्तेमाल
करें।
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गलती नंबर
2: स्टोरेज को ठूंस-ठूंसकर भर देना
WhatsApp
की फोटो, वीडियो, डाउनलोड की हुई रील, पुरानी APK फाइलें, स्क्रीनशॉट, ये सब चुपचाप
जमा होते रहते हैं। जब तक फोन चेतावनी नहीं देता, हमें पता ही नहीं चलता कि हम कितना
कचरा ढो रहे हैं।
स्टोरेज लगभग
भर जाने पर फोन को अपने सिस्टम फाइल, कैश और अपडेट के लिए जगह नहीं मिलती, इसलिए वह
सुस्त हो जाता है। मेरे अनुभव में फोन की कुल मेमोरी का कम से कम 10 से 15 प्रतिशत
हिस्सा खाली रखना ठीक रहता है। यह कोई सरकारी नियम नहीं है, बस मेरा आज़माया हुआ तरीका
है।
मैं यह करता
हूं:
- हफ्ते में एक बार WhatsApp की
"Manage storage" वाली सेटिंग खोलकर बड़ी फाइलें और आगे भेजी गई
(forwarded) चीज़ें हटाता हूं।
- जिन फोटो-वीडियो को रखना ज़रूरी
है, उन्हें Google Photos या किसी और क्लाउड में सुरक्षित कर देता हूं।
- जो ऐप महीनों से नहीं खोला, उसे
हटा देता हूं। ज़रूरत पड़ी तो दोबारा इंस्टॉल हो जाएगा।
कुछ हटाने
से पहले एक बार सोच लें कि वह चीज़ आपके लिए ज़रूरी है या नहीं। मिटाई हुई फाइल वापस
लाना हमेशा आसान नहीं होता।
गलती नंबर
3: अपडेट को "बाद में" पर टालते रहना
"Update
available" की सूचना देखकर हम में से ज़्यादातर लोग "Later" दबा देते
हैं। वजह भी समझ आती है: कभी डेटा की चिंता, कभी यह डर कि कहीं कुछ बिगड़ न जाए।
लेकिन अपडेट
सिर्फ नए फीचर लेकर नहीं आते। उनमें सुरक्षा की खामियों के सुधार भी होते हैं, और यही
सबसे अहम है। पुराने सॉफ्टवेयर वाले फोन पर ठगी और मैलवेयर का खतरा ज़्यादा रहता है।
ऐप के अपडेट भी इसी तरह ज़रूरी हैं, क्योंकि उनमें पुरानी गड़बड़ियां ठीक की जाती हैं।
मेरा तरीका
आसान है। अपडेट आने पर उसे Wi-Fi पर डाउनलोड करता हूं, बैटरी कम से कम 50% होने पर
इंस्टॉल करता हूं, और उस दौरान फोन को हाथ नहीं लगाता। इतना ध्यान रखने से आज तक मेरे
साथ कोई दिक्कत नहीं हुई।
एक बात साफ
कर दूं: कुछ पुराने फोन को कंपनी अब अपडेट देना बंद कर देती है। ऐसे में यह गलती आपकी
नहीं है, पर तब आपको बैंकिंग और पेमेंट जैसे संवेदनशील काम पर और ज़्यादा सावधानी रखनी
चाहिए।
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गलती नंबर
4: "फोन तेज़ करने वाले" ऐप और अनजान APK इंस्टॉल करना
यह वही गलती
है जिसकी वजह से मेरे कई जानने वालों के फोन में सबसे ज़्यादा परेशानी आई है।
"Phone Booster", "RAM Cleaner", "Battery Saver
Pro" जैसे नामों वाले ऐप बहुत लुभावने लगते हैं। एक बटन दबाओ और फोन तेज़ हो जाने
का दावा। पर सच यह है कि ज़्यादातर ऐसे ऐप खुद ही बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, विज्ञापन
दिखाते हैं और ज़रूरत से ज़्यादा परमिशन मांगते हैं। नतीजा उल्टा निकलता है।
दूसरी दिक्कत
है Play Store के बाहर से APK डाउनलोड करना। "मॉड APK" या "प्रीमियम
फ्री" के नाम पर मिलने वाली फाइलों में अक्सर ऐसा कोड छिपा हो सकता है जो आपका
डेटा चुरा ले। WhatsApp पर आई किसी लिंक से ऐप इंस्टॉल करना तो और भी जोखिम भरा है।
मैंने अपने ब्लॉग पर भी कई बार लिखा है कि ऐसे फर्जी ऐप और लिंक से आपके बैंक और निजी
जानकारी तक को खतरा हो सकता है।
इसके लिए
कुछ सीधे नियम मेरे काम आए हैं:
- ऐप सिर्फ आधिकारिक स्टोर से लें,
और डाउनलोड से पहले डेवलपर का नाम और रिव्यू देख लें।
- कोई सादा-सा टॉर्च या कैलकुलेटर
ऐप आपसे कॉन्टैक्ट, SMS या लोकेशन मांगे तो शक करें।
- Android खुद मेमोरी संभालता है।
रैम साफ करने वाले ऐप की ज़्यादातर मामलों में ज़रूरत नहीं होती।
अगर आपको
लगता है कि फोन में कोई संदिग्ध ऐप घुस गया है, तो सेटिंग में जाकर उसे हटा दें और
अपने बैंकिंग व ज़रूरी अकाउंट के पासवर्ड बदल लें।
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गलती नंबर
5: फोन को गर्मी में रखना और चार्जिंग पर भारी काम करना
भारत में
गर्मी वैसे ही ज़्यादा रहती है। ऊपर से हम फोन को धूप में कार के डैशबोर्ड पर छोड़
देते हैं, या चार्जिंग पर लगाकर घंटों गेम खेलते या वीडियो कॉल करते हैं। यह बैटरी
के लिए सबसे बुरे हालात में से एक है।
गर्मी बैटरी
की उम्र सबसे तेज़ी से घटाती है। चार्ज होते समय फोन पहले से गर्म होता है, और भारी
काम उसे और तपा देता है। इसी वजह से कई बार फोन "overheating" की चेतावनी
देकर खुद ही बंद हो जाता है। और जैसा मैंने पहली गलती में कहा, फोन का अत्यधिक गर्म
होना खतरे की निशानी है, इसे हल्के में न लें।
क्या करें:
- चार्जिंग के दौरान भारी गेम या
लंबी वीडियो कॉल से बचें।
- चार्जिंग के समय मोटा कवर हटा
दें, ताकि गर्मी निकल सके।
- फोन को धूप या बंद गाड़ी में न
छोड़ें।
- फोन बहुत गर्म हो जाए तो उसे बंद
करके छांव में ठंडा होने दें। फ्रीज़र में न रखें, अचानक ठंड भी नुकसान करती है।
अगर फोन बिना
ज़्यादा इस्तेमाल के भी बार-बार बहुत गर्म हो रहा है, या बैटरी फूली हुई लगे, तो चार्जिंग
बंद करें और किसी अधिकृत सर्विस सेंटर में दिखाएं। ऐसे में खुद कुछ करने की कोशिश न
करें।
एक छोटी
सी बात और
इन पांचों
के अलावा एक आदत और मेरे काम आई है: फोन को हफ्ते में एक-दो बार रीस्टार्ट करना। इससे
बैकग्राउंड में अटकी छोटी-मोटी प्रक्रियाएं साफ हो जाती हैं। यह जादू नहीं है, पर कई
बार हल्की सुस्ती इसी से चली जाती है।
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अक्सर
पूछे जाने वाले सवाल
क्या रात
भर फोन चार्ज पर लगाना सचमुच नुकसानदायक है?
आजकल के फोन में ओवरचार्ज से बचाव की व्यवस्था होती है, इसलिए यह अचानक खतरनाक नहीं
है। पर लंबे समय तक बैटरी 100% पर और गर्म रहने से उसकी उम्र कम हो सकती है। इसलिए
हो सके तो ऑप्टिमाइज़्ड चार्जिंग चालू रखें।
फोन में
कितनी मेमोरी खाली रखनी चाहिए?
कोई तय आंकड़ा नहीं है, पर मेरे अनुभव में लगभग 10 से 15 प्रतिशत खाली जगह से फोन ठीक
चलता है।
क्या
Play Store का हर ऐप सुरक्षित होता है?
नहीं, यहां भी कभी-कभी संदिग्ध ऐप आ जाते हैं। इसलिए डेवलपर, रिव्यू और मांगी गई परमिशन
देखना ज़रूरी है।
फोन बार-बार
हैंग करे तो सबसे पहले क्या करूं?
पहले स्टोरेज जांचें, फिर बेकार ऐप हटाएं, फोन रीस्टार्ट करें और सॉफ्टवेयर अपडेट देखें।
इतने पर भी ठीक न हो तो सर्विस सेंटर जाएं।
आखिर में
मुझे आज भी सर्विस सेंटर वाले भाई की वह बात याद आती है। फोन इतनी जल्दी खराब नहीं
होते, अक्सर हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियां उन्हें थका देती हैं। ऊपर की पांचों आदतें
बदलने में कोई पैसा नहीं लगता, बस थोड़ा ध्यान चाहिए।
आप इनमें
से कौन-सी गलती सबसे ज़्यादा करते थे? नीचे कमेंट में बताइए। और अगर कोई और तरीका आपके
काम आया हो, तो वह भी साझा कीजिए। हो सकता है वह किसी और की मदद कर दे।
नोट:- इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य
जागरूकता और व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। अलग-अलग कंपनी और मॉडल के फोन में सेटिंग
के नाम और विकल्प भिन्न हो सकते हैं। कोई भी बदलाव करने से पहले अपने फोन के निर्माता
की आधिकारिक सलाह देख लें। फोन में गंभीर समस्या, जैसे बैटरी फूलना या अत्यधिक गर्म
होना, की स्थिति में किसी अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें। gyanzest.com इस जानकारी
के उपयोग से होने वाले किसी भी नुकसान की ज़िम्मेदारी नहीं लेता।
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