Website URL में "https" ना हो तो क्या सच में खतरा है? पूरी जानकारी
पिछले महीने की बात है, मेरी छोटी बहन ने मुझे व्हाट्सएप पर एक स्क्रीनशॉट भेजा और पूछा, "भैया ये साइट खोलूं या नहीं? इसमें lock का निशान नहीं दिख रहा।" मैंने ज़ूम करके देखा तो पता चला कि उस वेबसाइट के एड्रेस बार में "https" की जगह सिर्फ "http" लिखा हुआ था। यही एक छोटा सा "s" कई बार आपकी पूरी ऑनलाइन सुरक्षा तय कर देता है, और ज़्यादातर लोगों को इसका अंदाज़ा भी नहीं होता। अगर आप भी कभी सोचते हैं कि ब्राउज़र में दिख रहा वो छोटा सा पैडलॉक आइकन या "https" का "s" आखिर करता क्या है, तो आज इस पोस्ट में हम इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे - बिना किसी टेक्निकल जर्गन के। पहले ये समझिए कि URL में "http" और "https" का मतलब क्या होता है जब भी आप ब्राउज़र में कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो आपका डिवाइस और उस वेबसाइट का सर्वर आपस में डेटा का आदान-प्रदान करते हैं। ये आदान-प्रदान किस तरीके से होगा, यही तय करता है "प्रोटोकॉल" - यानी नियमों का एक सेट। HTTP (Hypertext Transfer Protocol) - यह पुराना तरीका है...