मोबाइल को वायरस से कैसे बचाएं: बिना किसी खर्च के 8 आसान आदतें
पिछले महीने मेरे पड़ोस के एक भैया का फोन अचानक बहुत गरम रहने लगा। बैटरी दोपहर तक खत्म, और बिना कुछ किए स्क्रीन पर अजीब से विज्ञापन आ रहे थे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले किसी ग्रुप में “ट्रैफिक चालान” के नाम पर एक फाइल आई थी, जिसे उन्होंने बस जिज्ञासा में इंस्टॉल कर लिया था। बाद में पता चला कि वही फाइल सारी गड़बड़ी की जड़ थी। ऐसी कहानियां अब हर दूसरे घर में सुनने को मिलती हैं। इसलिए आज मैं वही बातें लिख रहा हूं जो मैं खुद अपने फोन में अपनाता हूं और घरवालों को भी समझाता हूं। कोई भारी-भरकम तकनीकी ज्ञान नहीं चाहिए, बस कुछ आदतें बदलनी हैं। पहले ये समझ लीजिए कि फोन में “वायरस” आता कैसे है आम बोलचाल में हम इसे “वायरस” कहते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से ज़्यादातर मामलों में यह malware होता है-जैसे spyware, adware या banking trojan। यह अपने आप हवा में नहीं आता; ज़्यादातर मामलों में हम खुद ही उसे अंदर बुला लेते हैं। आम रास्ते ये हैं: व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या SMS में आई कोई .apk फाइल प्ले स्टोर के बाहर की साइट से डाउनलोड किए गए “मॉड” या “प्रो” वर्जन वाले ऐप ब्राउज़र में अचानक ...